विश्व की फार्मेसी कहे जाने वाला भारत अब दुनिया के लिए कोविड-19 वैक्सीन विनिर्माण हब के रूप में उभर रहा है- डॉ. हर्षवर्धन


- Punarvas News Desk

केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने आज 28 फरवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ग्लोबल एसोसिएशन फॉर फिजिशियन ऑफ इंडियन ओरिजिन (जीएपीआईओद्वारा आयोजित वैश्विक भारतीय चिकित्सक सम्मेलन को संबोधित किया।

2011 में अपनी स्थापना के बाद से ज्ञानकौशल और अनुसंधान के आदान-प्रदान की सुविधा के लिए दुनिया भर में भारतीय मूल के 1.4 मिलियन चिकित्सकों को लाने जैसे महत्वपूर्ण प्रयास में जुटे जीएपीआईओ की प्रशंसा करते हुएडॉ. हर्षवर्धन ने एसोसिएशन को भारतीय चिकित्सकों की प्रतिभा और क्षमता का एक शानदार उदाहरण बताया जिसने दुनिया भर में चिकित्सा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई में चिकित्सा पेशेवरों के योगदान की प्रशंसा करते हुएडॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि दुनिया के समक्ष कोविड-19 जैसे अभूतपूर्व संकट का दृढ़ता से सामना करते हुए अस्तित्व के इस संकट में हमारे चिकित्सकोंनर्सों और स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों ने मानवता के अग्रणी चैंपियंस के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत करते हुए मानव जाति की रक्षा की। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि समाज सेवा में उनके साहसपराक्रम और निस्वार्थ भाव को सलाम करता हूं। उन्होंने कहा कि दूसरों के जीवन को बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले कोरोना वारियर्स के प्रति आभार को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है और हमारे लिए एक बड़ा व्यक्तिगत नुकसान है कि इस महामारी के दौरान उनमें से कई लोगों ने अपनी जान गंवा दी। इस संदर्भ मेंकेंद्रीय मंत्री ने कोविड-19 से निपटने के लिए सर्वोत्तम संभव दृष्टिकोण से युक्त ज्ञान और अनुभवों को साझा करने के लिए वैश्विक भारतीय चिकित्सकों के रूप में जीएपीआईओ के निरंतर सहयोग की भी सराहना की।

डॉ. हर्षवर्धन ने कोविड-19 महामारी को नियंत्रित करने के लिए सरकार के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह हमारे पूर्वनिर्धारित, अग्रसक्रिय और वर्गीकृत दृष्टिकोण का ही परिणाम है कि भारत कोविड-19 से संबंधित विभिन्न मानकों में अच्छा प्रदर्शन करने में सक्षम रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया भर में लगातार सबसे कम मृत्यु दर और उच्चतम रिकवरी दर को बनाए रखा है। इस संबंध मेंउन्होंने कहा कि कोविड-19 के प्रबंधन की ओर पूर्ण रूप से ध्यान देने के बावजूद हमारी सरकार ने अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतरता को सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि विभिन्न नीतिगत हस्तक्षेपों के साथ-साथ टेलीमेडिसिन सेवाओं जैसी प्रौद्योगिकी के उपयोग ने इस संबंध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि हमारे ई-संजीवनी प्लेटफॉर्म ने बहुत कम समय में लाखों डॉक्टर-रोगी परामर्श दर्ज किए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने वैज्ञानिकों के योगदान का भी उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे वैज्ञानिकों ने विशेष रूप से बहुत अच्छा कार्य किया हैउन्होंने चौबीसों घंटे कार्य करते हुए हमें दो टीके प्रदान किए हैं जिनको स्वदेश में ही निर्मित किया गया हैं और भारत में आपातकालीन उपयोग के लिए अनुमोदित किया गया हैं। दुनिया का सबसे व्यापक टीकाकरण अभियान देश में चल रहा है और 1 करोड़ से अधिक खुराक देने के साथ तीव्र गति के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी शानदार प्रतिभाओं और क्षमताओं के उल्लेखनीय समर्थन से दुनिया की फार्मेसी के रूप में विख्यात भारत अब दुनिया के लिए कोविड-19 वैक्सीन निर्माण केंद्र के रूप में उभर रहा है।

मंत्रालय के भीतर जारी कार्यो का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना जैसे व्यापक कार्यक्रमों और नीतियों में व्यापक बदलाव के माध्यम से हम अपनी स्वास्थ्य प्रणाली को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की स्थापनानर्सिंग आयोग विधेयक और संबद्ध स्वास्थ्य सेवा व्यवसाय विधेयक के साथ एक नवीन दृष्टिकोण आकार ले रहा है। भारत में मेडिकल कॉलेजों के विस्तार और स्वास्थ्य देखभाल बुनियादी ढांचे को नया रूप देने के लिए महत्वाकांक्षी योजनाएँ बनाई गई हैं। हम देश में स्वास्थ्य सेवा के वितरण तंत्र में क्रांति लाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।

डॉ. हर्षवर्धन ने यह भी उल्लेख किया कि जीएबीआईओ जैसे संघों के समर्थन और सहायता से भारत सरकार के सभी प्रयास अत्यंत लाभान्वित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि विचारों और ज्ञान के आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाने से न केवल सर्वोत्तम कार्य प्रणालियों को तय करने में मदद मिलेगीबल्कि उनके कार्यान्वयन में भी तेजी आएगी जिससे अंततः समाज को लाभ मिलेगा।

डॉ. हर्षवर्धन ने अपने संबोधन का समापन सभी जीएपीआईओ पुरस्कार विजेताओं को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई और वैश्विक भारतीय चिकित्सक सम्मेलन की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाऐं देने के साथ किया।