'अमृत महोत्सव' को लेकर साहित्य अकादेमी ने किया कवि सम्मेलन का आयोजन


भारत की स्वाधीनता के अमृत महोत्सव के अवसर पर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारंभ किए गए कार्यक्रमों की शृंखला में साहित्य अकादेमी ने इंडिया@75 हिंदी कवि सम्मेलन के रूप में पहले कार्यक्रम का आयोजन किया। कवि सम्मिलन में देश के जाने माने हिंदी कवियों कुँवर बेचैन, अशोक चक्रधर, लक्ष्मी शंकर वाजपेयी, सरिता शर्मा एवं उपेंद्र कुमार पांडेय ने अपनी देशभक्ति से ओत-प्रोत कविताओं से श्रोताओं का मन मोह लिया।

कार्यक्रम के आरंभ में अकादेमी के सचिव के. श्रीनिवासराव ने सभी का स्वागत सूत की गाँधी माला से किया और प्रधानमंत्री द्वारा प्रारंभ किए गए स्वाधीनता के अमृत महोत्सव की विस्तृत जानकारी श्रोताओं को दी। उन्होंने कहा कि 23 मार्च शहीद दिवस के अवसर पर हो रहे इस कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई है। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि कुँवर बेचैन ने की और संचालन लक्ष्मी शंकर वाजपेयी ने किया।


सर्वप्रथम उपेंद्र कुमार पांडेय ने अपनी कविताएँ प्रस्तुत कीं जिसमें उन्होंने शहीदों को याद करते हुए युवाओं को विवेकानंद से प्रेरणा लेने की अपील की। कवयित्री सरिता शर्मा ने एक युवा शहीद की पत्नी की संवेदना को दर्शाते हुए मार्मिक गीत प्रस्तुत किया, जिसका भाव यह था कि शहीद फौजी अपनी पत्नी से अधिक अपने वतन को प्यार करता है।


अशोक चक्रधर ने सेल्यूलर जेल में रहे स्वतंत्रता सेनानी मजूमदार के अनुभवों पर केंद्रित अपनी कविता प्रस्तुत की, जिसमें उन्होंने मार्मिक तरीके से दर्शाया कि अंग्रेजों के हर प्रहार पर क्रांतिकारी ‘वंदेमातरम’ का उच्चारण करते थे। लक्ष्मी शंकर वाजपेयी ने स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी कई सच्ची कहानियों को छंदों में प्रस्तुत किया और अंत में, शहीदों को नमन करते हुए गीत सुनाया। 

कुँअर बेचैन ने सभी से मज़हब और भाषा की दीवारें गिराकर एक दूसरे के साथ एक रंग में मिलकर राष्ट्र को आगे बढ़ाने की अपील एक सुंदर गीत के माध्यम से की। कवि सम्मेलन साहित्य अकादेमी के सचिव के. श्रीनिवासराव द्वारा विधिवत् धन्यवाद ज्ञापन से संपन्न हुआ।